गौ विज्ञान परीक्षा
गौवंश के वैज्ञानिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी
गौ विज्ञान परीक्षा परिचय
हमारी संस्था के विभिन्न आयामों में एक आयाम गौ विज्ञान परीक्षा है। इसके माध्यम से हम विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में अध्यनरत विद्यार्थियों एवं समाजजनों के मध्य प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से गौवंश के धार्मिक, आध्यात्मिक महत्व के साथ साथ संपूर्ण वैज्ञानिक तथ्यों, इस पर दुनियाँ भर में हुए विभिन्न रिसर्च आदि की प्रामाणिक जानकारी प्रदान करते हैं।
वर्तमान शैक्षणिक व्यवस्था के कारण आज के विद्यार्थी एवं युवा वर्ग को भारतीय गोवंश,गौ आधारित कृषि एवं उद्योग, उनका भारत की अर्थव्यवस्था में योगदान जैसे विषयों के बारे में कोई जानकारी प्रदान नहीं की जाती। इसके दुष्परिणाम स्वरूप वर्तमान पीढ़ी गौपालन,गौ आधारित कृषि , कृषि आधारित विभिन्न उद्योग (स्टार्टअप) आदि महत्वपूर्ण विषयों से हटकर दूसरी दिशा में जा रहे हैं जिससे न सिर्फ बेरोज़गारी की समस्या विकराल रूप ले रही है अपितु भारत की अर्थव्यवस्था जिसका मूल आधार कृषि एवं कृषि आधारित उद्योग ही है, से हटकर वैश्विक चकाचौंध के चलते लगातार गिरती जा रही है।आज स्थिति से है कि अमेरिका के एक डॉलर की कीमत भारतीय रुपया में 90 रु से अधिक हो चुका है।अगर हमारी वर्तमान पीढ़ी अपनी इस मूल व्यवस्था से हट जाएगी तो आगे चलकर हमें बड़ी वैश्विक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
श्वेत क्रांति के नाम पर भारत के देशी गोवंश को बर्बाद कर देश के ऊपर विदेशी गोवंश थोप दिया गया जिसके विषैले दूध, दही, घी के हानिकारक प्रभाव के चलते देश में हजारों प्रकार की नई नई बीमारियां फैल गई। इसी प्रकार हरित क्रांति के नाम पर हमें अपनी मूल कृषि व्यवस्था से हटाकर रासायनिक खेती की ओर ढकेल दिया गया जिसका दुष्परिणाम गुणवत्ताहीन, विषैला कृषि उपज,भूमि की प्राकृतिक उर्वरता समाप्ति , लगातार बढ़ता प्रदूषण जिससे कारण से लगातार देशवासियों की स्वास्थ्यगत गिरावट ,घर घर किडनी,कैंसर जैसी घातक बीमारी हमारे सामने है। इस तथ्य को रिसर्च एवं वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ आज की युवा पीढ़ी के सामने लाना गौ विज्ञान परीक्षा का एक प्रमुख उद्देश्य है।
हमारा लक्ष्य
भारत की स्वाभाविक अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर देश को पुनः स्वर्ण युग के दौर में लेकर जाना
वैश्विक स्तर पर भारत के कृषि उत्पादों एवं उस पर आधारित उद्योग को स्थापित करना
भारत को सुखी,स्वाबलंबी एवं संपन्न भारत बनाना
वर्तमान में औद्योगिकीकरण के चलते उत्पन्न बेरोजगारी की समस्या को समाप्त कर रोजगार युक्त भारत का निर्माण करना
कुपोषण की समस्या को समाप्त कर दूध,दही, घी एवं अन्न युक्त भारत का निर्माण ताकि हम अपने देश के साथ साथ पूरे विश्व को उच्च कोटि का खाद्यान्न एवं डेयरी उत्पाद उपलब्ध करवा सके
विदेशी गाय के दूध, रासायनिक खाद, कीटनाशक , एलोपैथी दवाई आदि के कारण रोगग्रस्त हो चुके देश को रोगमुक्त भारत बनाना ताकि मेडिकल इंडस्ट्री में प्रतिवर्ष हो रहा खरबों का अनावश्यक खर्च बचाया जा सके
विदेशी खानपान,विदेशी गाय के दूध,दही, घी, रासायनिक अनाज, फल, सब्जी, विदेशी संस्कृति के अंधानुकरण आदि के कारण देश की पीढ़ी संस्कार विहीन होती जा रही है फलस्वरूप अपराध तेजी से बढ़ रहा है।यदि हम पुनः भारतीय गाय एवं अपनी मूल व्यवस्था पर लौटते हैं तो निश्चित रूप से आपराधिक प्रवृति में कमी आएगी तथा हम अपराध मुक्त भारत का निर्माण कर सकेंगे
प्रदूषण बढ़ाने वाले वर्तमान उपक्रमों को छोड़कर गौ आधारित व्यवस्था की ओर देश को अग्रसित करना जिससे ग्लोबल वार्मिंग, भू जल स्तर गिरावट जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटा जा सके एवं प्रदूषण मुक्त भारत बनाया जा सके।
ऊर्जा जरूरत के लिए पेट्रोलियम पर विदेशी निर्भरता का परिणाम हम सब देख रहे हैं। बिजली उत्पादन हेतु कोयले के लिए जंगलों का अंधाधुन विनाश हो रहा है। गौवंश का गोबर और गोबर आधारित ऊर्जा इसका सुखद विकल्प है। इससे हम ऊर्जा पर विदेशी निर्भरता समाप्त कर ऊर्जा युक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं
कृषि एवं उद्योग में विदेशी निर्भरता के कारण खरबो डालर का कर्ज भारत पर चढ़ चुका है। इस क्षेत्र में आत्मनिर्भता होने पर हम कर्ज मुक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं।
हमारा उद्देश्य
- देश के सभी विद्यार्थी,युवा एवं उनके पालक गौवंश के महत्व को वैज्ञानिक रूप से समझे,इसे आत्मसात करें,प्रत्येक घर गाय और गौ उत्पाद से जुड़े, भारत का प्रत्येक परिवार गौ व्रती परिवार बने।
- ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत परिवारों में अधिकाधिक भारतीय गौवंश का पालन हो तथा दूध, दही,घी का प्रचुर उत्पादन हो।
- प्रत्येक किसान गौ आधारित कृषि की ओर लौटे तथा एक्सपोर्ट क्वालिटी अनाज, दाल एवं सब्जियों का उत्पादन प्रारंभ करे
- ट्रैक्टर का सीमित उपयोग हो तथा बैलों का अधिकाधिक उपयोग हो।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कृषि के साथ साथ कृषि आधारित कुटीर उद्योगों की अधिकाधिक स्थापना की जाय ताकि कृषि सर्वाधिक आय प्रदान करने वाला उपक्रम बन सके और भारत का किसान आर्थिक रूप से समृद्ध हो सके।
- नगरों में निवास करने वाले परिवार अधिकाधिक भारतीय गाय के दूध दही घी का उपयोग करें
- नगर में निवास करने वाले परिवार गौ आधारित कृषि से उत्पादित अनाज, दाल एवं सब्जियों का अधिकाधिक उपयोग करें
- गांव के प्रत्येक घर में बाड़ी एवं नगर के प्रत्येक घरों में रसोई शाक वाटिका का निर्माण हो
- कोई भी गौवंश सड़कों में न रहे,सभी किसान के घर पर रहे
- चारागाह भूमि में अतिक्रमण हटे,उसका संरक्षण एवं संवर्धन हो
- प्रत्येक घरों में गौ आधारित उत्पादों का अधिकाधिक उपयोग हो ताकि परिवार रोग एवं व्यसन से दूर रह सके
परीक्षा कार्यक्रम
इस वर्ष यह परीक्षा तीन समूह में आयोजित की जाएगी।
कक्षा 6 से 8
कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी
कक्षा 9 से 12
कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी
ओपन श्रेणी
इसमें कोई भी सम्मिलित हो सकता है
परीक्षा में सहभागी एवं पुरस्कार
अध्ययन सामग्री
परीक्षा में सहभागी समस्त विद्यार्थियों को अध्ययन हेतु गौ विज्ञान ग्रंथ तथा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
विद्यालय श्रेणी
विद्यालय श्रेणी में अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विजेता को गौ उत्पाद किट प्रदान की जाएगी
जिला एवं राज्य स्तर
जिला एवं राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार एवं गौ उत्पादन किट प्रदान किया जाएगा(सभी ग्रुप में अलग अलग)
राज्य स्तर पर पुरस्कार
| स्थान | नगद पुरस्कार | पुरस्कार |
|---|---|---|
| प्रथम पुरस्कार | ₹31,000 | गौ उत्पाद किट |
| द्वितीय पुरस्कार | ₹21,000 | गौ उत्पाद किट |
| तृतीय पुरस्कार | ₹11,000 | गौ उत्पाद किट |
जिला स्तर पर पुरस्कार
| स्थान | नगद पुरस्कार | पुरस्कार |
|---|---|---|
| प्रथम पुरस्कार | ₹3,100 | गौ उत्पाद किट |
| द्वितीय पुरस्कार | ₹2,100 | गौ उत्पाद किट |
| तृतीय पुरस्कार | ₹1,100 | गौ उत्पाद किट |
पंजीयन प्रारंभ
परीक्षा में सहभागी होने पंजीयन 15 अगस्त से प्रारंभ हो चुका है विस्तृत जानकारी के लिए अपने विद्यालय अथवा हमारी वेबसाइट का अवलोकन करें।
